Don’t Quite Never Give Up Story in Hindi | कभी हार न मानें

Real Story of Derek Anthony Redmond Olympic in 1992

Don’t Quite never Give up Story in Hindi

ये जरूरी नहीं  परिस्थितियां वैसा काम करें जैसा हम चाहते है, लेकिन असली खिलाड़ी कि पहचान विपरीत परिस्थितियों में ही होती हैं।

दोस्‍तों आज मैं Never Give Up Story in Hindi में एक ऐसे व्‍यक्ति के बारे में बताने वाला हूँ जो हमें बताते हैं, कैसे हमें विपरीत परिस्थिति में खुद को मजबूत रखना चाहिए और अपने एक Decision से कैसे हार को जीत में बदल सकते हैं

तो चलिए शुरू करते हैं:-

ये कहानी है एक Derek Anthony Redmond की हैं। जो अपने Country के Best Runner में से एक थे।Don't Quite Never Give Up Story in HindiDon’t Quite Never Give Up Story in Hindi

वो world Championship और European Championship 400m दैड़ में Gold medal ले चुके थे। 1992 के Barcelona Olympics में Gold medal का एक प्रमुख दावेदार थे जिस पर देश की भरोसा और उम्‍मीद टिकी हुई थी।

उसपे भरोसे का कारण था उसकी सालों कि मेहनत, Training और Fitness. वे सबके भरोसे के ऊपर उतरते हुए एक प्रबल दावेदार की तरह Barcelona Olympics में 400m race के semi-final तक जा पहुँचेे थे।

अब उसका वो Gold medal जीतने का सपना, जिसके लिए वो सालो से मेहनत कर रहेे थे, उससे ज्‍यादा दूर नहीं थे।

आखीरकार वो दिन आ ही जाता है, उसे 400m  की final race को complete करने का प्रतियोगीता होती हैं।

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Derek Anthony ने सानदार तरीके से 400m race में एक मजबूत शुरूआत की और 250m तक उसने एक अच्‍छी बढ़त बना ली लेकिन Final Line के 150m कि दूरी पर अचानक से Derek Anthony को pup कि अवाज महसूस हुई।

उसे एहसास हुआ की उसके पैड़ में अचानक से मोच आ चुकी है और एक असहनिय दर्द के साथ वो लड़खड़ाते हुए कुछ ही कदम आगे बढ़ा पाये और वही गिर गये।

Don't Quite never Give up Story in Hindi 2Don’t Quite Never Give Up Story in Hindi

Doctor और सहायक staff team दौड़ते हुए उनकेे पास पहुँची। वो अवाज उसके घुटने के पीछे माँसपेशी फटने की आवाज थी।

उन्‍हें खुद का सपना फिसलता हुआ महसूस होने लगा था। Derek Anthony ने मन ही में ठान ली की चाहे कुछ भी हो जाए हमें Race को Complete करना हैं। मुझे हिम्‍मत नहीं हारना हैं। हमें Give up नहीं करना हैं।

तभी Derek Anthony ने अपने आप को Doctor और सहाय‍क staff team से छुड़ाते हुए खड़ा हो गये और वो एक असहनीय दर्द के साथ चलने लगे।

एक पैड़ पर लड़खड़ाते हुए अपनी race को खत्‍म करने के लिए, Finish Line तक पहुचने के लिए चल पड़े।

ये सारा नजारा भिड़ में खड़े एक आदमी को बरदास्‍त नहीं हुई। उसने सारी Security को तोड़ते हुए Derek Anthony के पास सहारा देने के लिए दौड़ परा।

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पता हैं दोस्‍तों वो आदमी कौन था? वो कोई और नहीं Derek Anthony का पिता था। Derek Anthony को जैसे ही अपने पिता का साथ मिला वैसे ही रो पड़ा।

पिता ने बेटे से कहा:- तुम्‍हें ये करने कि जरूरत नहीं हैं क्‍योंकि उन्‍हें ये डर था कि बेटे का पैड़ हमेशा के लिए खराब ना हो जाए। लेकिन Derek Anthony ने कहा:- मुझे हार नहीं माननी! मैं ये Race जीतु या ना जीतु But हमें ये race Finish करना हैं।

 Never Give Up StoryDon’t Quite Never Give Up Story in Hindi

ये बात सुन कर उसके पिता गद-गद हो गए और बोले:- ठिक हैं!  हम दोनों इसे साथ में पुरा करेंगे और अपने बेटे को एक हाथ से संभालते हुए, एक कंधे से सहारा दिया।

एक असहनीय दर्द के साथ Derek Anthony ने पिता के सहारे Finish Line Complete करने के लिए निकल पड़े।

कुछ ही दूर के बाद वहाँ के अधिकारियों ने उन दोनों को Field से हटाने कि कोशिश की लेकिन Derek Anthony के पिता ने उसे अपने से दूर कर दिया।   

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Derek Anthony ने अपने पिता के साथ वो Race Complete की। जैसे ही Race Finished हुई इसके बाद Stadium में बैठ़ 65,000 लोगों ने खड़े हो गए और 10 mint तक Stadium तालियों के साथ गुंजता रहा।

इस Race में Derek Anthony ने medal तो नहीं जीत सके लेकिन उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिये।

उनकी हार ने भी Olympic Game में सा‍हस का एक इतिहास रच डाला।

दोस्‍तों ये Derek Anthony Redmond कि Real Story हमें बहुत कुछ सीखाती है। सबसे बड़ा सीख ये मिलता है कि हमें कभी हार नहीं मानना चाहिए। ”Never Give up”      

कई बार हमारे साथ भी ऐसा ही होता हैं जिंदगी के राह पर चलते-चलते शरीर और मन थक जाता हैं जिस कारण हम हार मान ले‍ते हैं। अपने काम को बीच में ही छोड़ देते हैं, ये सोच कर कि अब हमसे नहीं होगा।

ऐसी ही Situation Derek Anthony को Race में आई । एक पैड़ Fraction होने के बाद गिर गए। वो चाहते तो हार मान सकते थे क्‍योंकि उन्‍हें ऐहसास हो चुका था अब हम Race में Gold medal  तो ला नहीं सकते फिर भी उसने Give up नहीं करने का Decision लिया।

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वो इसलिए की कम से कम हम Race तो Complete कर सकते हैं। Finally उन्‍होंने Race Complete किये।

ये बात हमें सीखाती है कि बुड़े Situation  में भी हमें हिम्‍मत रखनी चाहिए। जो बची हुई ताकत हैं उसे फिर से अपने कामों को  Complete करने में पूरी तरह से झोक देना चाहिए।

इससे सफलता मिले या ना मिले जबकि आपको आत्‍म संतुष्टि जरूर मिलेगी

जैसे आप ही सोचों 1992 की Olympic में Gold medal कौन जीता ये कम लोग जानते हैं जबकि Derek Anthony की ऐसी साहस लोखों लोगों के दिल में जगह बना ली। जिसे हम और आप आज भी याद करते हैं।

So दोस्‍तों आप जो भी काम करते हैं, चाहें पढ़ाई करते हो या Job worker है या Business man  हैं, अपने आप से कभी हार ना मानें, Give Up ना करें

“सफलता एक दिन आपकी कदम जरूर चुमेगी”

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दोस्‍तों आशा करता हूँ ये Don’t Quite Never Give Up Story in Hindi में आपको बहुत ही अच्‍छी लगी होगी, इसे Like करके आप हमारे मनोबल को बढ़ा सकते है। इस Derek Anthony Redmond Real life Story से आप क्‍या क्‍या सीखे हमें Comment Box में बताए और इस Story को अपने दोस्‍तों के साथ Share करें उन्‍हें Inspiration मिलेगी……धन्‍यवाद!

 

2 Comments

  1. Khushboo June 9, 2020

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