advertisement

मंजिल तक पहुंचने में किन – किन बातों का रखे, ध्यान

Motivational Story on Reaching DestinationMotivational Story on Reaching Destination

जीवन में त्याग और दान करना बहुत जरूरी होता है। इससे हमारे पापों का बोझ कम होता जाता है। अपने-अपने सत्मार्ग पर पहुंचने के लिए हमें बहुत सारे उपाय करने पड़ते हैं। जीवन में दान की भावना से सुख और शांति प्राप्त होती है। दूसरों की सेवा और परोपकार करने से जीवन जीवन खुशहाल होता है। जरूरत से ज्यादा चीजों को नहीं रखना चाहिए। 

हर कोई अपने मंजिल को पाना चाहता हैं लेकिन उन्‍हें नहीं पता कि क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं करना चाहिए! तो चालिए सबसे पहले जानते हैं मंजिल तक पहुंचने में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

दोस्‍तों! इसके लिए मैं आपको एक कहानी सुनाने वाला हूँ ….तो चालिए शुरू करते हैं…

Motivational Story on Reaching Destination

एक बार एक गुरु जी ने अपने दो शिष्यों को बुलाया और कहा कि आप दोनों को यहां से पचास कोस दूर सत्मार्ग मंदिर जाना है। गुरु ने एक शिष्य को खाने के समान से भरी बोरी दी। उन्होंने उससे कहा कि जो जरूरतमंद मिले, उसे खाना देते जाना।

गुरु जी ने दूसरे शिष्य को एक खाली बोरी दी। उन्होंने उससे कहा कि रास्ते मे जो उसे अच्छा मिले, उसे बोरी में भरकर ले जाए। दोनों शिष्य निकल पड़े, जिसके कंधे पर खाने का समान था, वो धीरे चल पा रहा था। परंतु खाली बोरी वाला शिष्य मस्ती की चाल यानि आराम से जा रहा था। Motivational Story on Reaching Destination

कुछ दूर जाने पर खाली बोरे वाले शिष्य को सोने की ईंट मिली। सोने की ईट पा कर शिष्‍य बहुत खुश हुआ और उसने उसे बोरी मे डाल लिया। अभी कुछ दूर गया ही था कि उसे फिर दो सोने की एक ईंट मिली, उसने उसे भी उठा लिया।

यह क्रम चलता रहा और वह उनको अपने बोरी में रखता चला गया। बोरी में सोना भरने से वजन बढ़ता गया। जिसके वजह से शिष्य का चलना मुश्किल हो गया। उसे सांस लेने मुश्किल हो रही थी क्‍योंकि उसके बोरी का वजन बहुत ही बढ़ गया था।

वहीं दूसरा शिष्य जैसे-जैसे रास्ते में आगे बढ़ता गया, उसकी खाने की बोरी कम होती गई। जिससे धीरे-धीरे बोरी का वजन कम होता चला गया और उसका चलना आसान होता गया।

दोस्‍तों! याहां समझने वाली बात ये हैं कि बांटने वाला शिष्य सत्मार्ग मंदिर पहुंच गया। वहीं खाली बोरे वाला शिष्य लालच में आकर सोना इकट्ठा करता रहा और वजन के कारण रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

Moral of The Story:-

– हम सभी को अब ये सोचना चाहिए कि हमने जीवन में क्या बांटना और क्या इकट्ठा करना चाहिए, जिससे हमें मंजिल तक पहुंचने में असानी हो।

– ” life is a journey not a destination ” जीवन यात्रा है मंजिल नहीं इसलिए दोस्‍तों! आपको अपने जीवन कि यात्रा को खुबसुरत बनाए, मंजिल अपने आप ही मिल जाएगी।

आशा हैं दोस्‍तों! ये लेख Motivational Story on Reaching Destination आपको कुछ न कुछ सिखने को मिला होगा, ये लेख आपको अपने लक्ष्‍य तक पहूँँचने में मदद करेगी। आप इस Hindi Article आपको अपने दोस्‍तों और चाहने वालों के साथ Social media पर Share कर सकते हैं। 

इसके अतिरिक्‍त आप अपना Comment दे सकते हैं और हमें Email भी कर सकते हैं। आप हमारे Facebook और Instagram पर भी जुड़ सकते हैं।

यदि आपके पास Hindi में कोई Article, Inspiring story, Life Tips, Inspiring Poem, Hindi Quotes, Money Tips या कोई और जानकारी हैं और यदि आप वह हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ हमें E-mail करें। हमारी E-mail Id हैं- [email protected] यदि आपकी Post हमें पसंद आती है तो हम उसे आपके नाम और Photo के साथ अपने Blog पर Publish करेंगे….धन्‍यवाद!

ये भी पढ़ें:- 

दलदल में फंसे हाथी की कहानी

खुद को Motivate कैसे रखें | Motivational Story on Self Motivation

एक विचार आपकी life पुरी तरह से बदल सकती हैं

लक्ष्य प्राप्ति के लिए जीवन में उतारें ये 5 नियम | 5 Golden rules of Goal setting

6 Morning Habits of Successful People in Hindi

Leave a Reply

close